13 August, 2011

रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व

रक्षाबंधन का त्योहार भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। यह पारंपरिक रूप से बहनों एवं भाईयों के आपसी स्नेह के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहनें, भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं। माथे पर तिलक देती हैं तथा मिठाई से भाई का मुंह मीठा करती हैं। बहनें अपने भाई को राखी बांधकर उनसे यह अपेक्षा करती है कि जब कभी बहन पर दुख की घड़ी अथवा उसकी आन पर आंच आएगी तो भाई अपनी जान की बाजी लगाकर भी उसकी रक्षा करेंगे। इसके अतिरिक्त हम यह भी देखते हैं कि रक्षाबंधन के दिन ब्राह्माण लोग भी अपने यजमानों को राखी बांधते हैं। प्रश्न उठता है कि इस त्योहार की शुरूआत कैसे हुई होगी।

ऐतिहासिक दृष्टि से देखें तो राखी का प्रचलित रस्म परंपरागत नहीं है। कहा जाता है कि इन्द्राणी ने इंद्र को राखी बांधी थी और इंद्र को असुरों पर विजय प्राप्त हुई थी। अब इन्द्राणी और इंद्र का भाई-बहन का नाता तो नहीं था और इन्द्राणी को रक्षा की भी आवश्यकता नहीं थी। परंतु यह पवित्रता की प्रतिज्ञा थी। इसको प्राचीन काल में विष तोड़क पर्व भी कहते थे। यदि वह त्योहार भाई द्वारा बहन की रक्षा के संकल्प का ही प्रतीक होता तो आज तक ब्राह्माणों द्वारा राखी बांधने का रिवाज नहीं चला आता। यदि रक्षा की दृष्टि से गहराई से चिंतन किया जाए तो कन्याएं छोटे-छोटे अबोध भाईयों को राखी बांधती हैं। उस स्थिति में यह परंपरा कहां तक लागू होती है। यदि शारीरिक रक्षा का अभिप्राय होता तो कन्या भाई को रक्षा बांधने की बजाए अपने पिता, चाचा या मामा को राखी क्यों नहीं बांधती। पिता, चाचा या मामा रक्षा क्यों नहीं कर सकते।

कन्या अथवा माता की रक्षा करना केवल सगे भाई का ही नहीं बल्कि परिवार के हर एक सदस्य का कर्तव्य है। सहोदर होने के कारण तथा स्नेहवश भी हरेक भाई यह कर्तव्य निभाता ही है और जो निभाना ही न चाहे या जिसका स्नेह ही न हो वह तो राखी बांधने पर भी रक्षा नहीं करेगा। श्रीमद्भागवत में कंस ने अपनी बहन देवकी को मारने के लिए तलवार निकाल ली थी, तो स्पष्ट है कि दृष्टि-वृति बदल जाए तो लोग कसाई बन जाते हैं और दृष्टि-वृति ठीक रहे तो कसाई भी भाई बन सकता है। अत: रक्षाबंधन प्रत्येक नर-नारी के लिए पवित्रता रूपी धर्म में स्थित होने की प्रतिज्ञा करने का प्रतीक है। अत: भले ही राखी कुछ धागों की बनी होती है। परंतु उन धागों में जो उच्च भाव है उसे धारण करके मनुष्य अपने जीवन में महान बन सकता है।

(source: Yahoo.com)

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